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World's 1st online speed skating event

I Ashish Panchbhai Director of ARSEC ASIA Pvt Ltd 2021 during this corona virus all sports activities are closed or organise with restriction and COVID protocol,  I decide that to start online speed skating time trial event. For this I talk with the many coaches of roller skating game and everyone is interested to participate this type of the online event, Where using video timing software and mobile apps. We decide to provide t-shirt for all participant and winners will get medals and certificate via courier. We got very good response from all over India and some other countries also. 300 + participate taking interest in this online event. That was world first online speed skating event. Everyone send uncut 200 m Speed skating video we verify with our time matching software,  Where using digital editing to all video with the music and display on our Facebook page, https://fb.watch/iznGMT9SXH/ With all the skate categories and age group best time was awarded. Year 2023 again w...

सनातन संस्कृति और भारतीय इतिहास

 केवड़ेश्वर महादेव मंदिर  ५००० वर्षों से भी अधिक पुराने कमलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन। https://youtu.be/iJrzWDYxfvM

Dictatorship of sports federation in India

  राष्ट्रीय खेल महासंघ द्वारा खेल को अपनी जागीर समझना भारतीय खेलों के लिए और खिलाड़ियों के लिए नुकसानदायक होने वाला है,  खेल संघ और महासंघ हमेशा खिलाड़ी और प्रशिक्षकों पर दबाव बनाते हैं कि सिर्फ उनके द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में ही खेलना अनिवार्य है, और हर बात पर सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होने का फायदा उठाते हैं, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होना क्या खेल उनकी जागीर हो जाती है? जैसे सरकारी स्कूल होते हैं वैसे ही प्राइवेट स्कूल भी होते हैं और हर जगह प्राइवेट ट्यूशन और कोचिंग सेंटर भी होते हैं, सरकार किसी भी खेल संघों को मान्यता देती है उस खेल की प्रतियोगिताओं का आयोजन करके राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों का चयन किया जाए और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सम्मिलित करने भेजा जाए, इसका मतलब यह कदापि नहीं है कि खेल पूर्णता एसोसिएशन वालों की जागीर हो जाता है, इनके मनमानी कारोबार के चलते खिलाड़ियों का बहुत नुकसान होरहा है, ऐसा ही उदाहरण भारतीय रोलर स्केटिंग महासंघ और उनके द्वारा मान्यता प्राप्त राज्य संघ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी, रोलर स्केटिंग खेल भारत में चतुर्थ श्रे...

Sports commercialization

 माननीय प्रधानमंत्री जी को नमस्कार भारतीय खेल जगत के विकास के लिए मैंने एक कंपनी का गठन किया और जीएसटी के माध्यम से देश के विकास में हा खेलों में कमर्शियल लेवल पर जब भारतीय खेलों को लाया जाएगा तब खिलाड़ी और प्रशिक्षकों का आर्थिक और सामाजिक विकास निश्चित तौर पर होगा इसी कारण हम बड़े स्तर पर कार्य कर भारत में खेल के माध्यम से टूरिज्म और कमर्शियल एक्टिविटी में टैक्सेशन का योगदान बढ़ाने के तरफ जा रहे थे। परंतु भारतीय खेल जगत में इतना काला अंधेरा है की शब्दों में बयां करना भी हमारे लिए मुश्किल हो गया है। भारतीय रोलर स्केटिंग महासंघ 1955 से भारत में बतौर राष्ट्रीय महासंघ कार्य कर रहा है, फिर भी स्पीड स्केटिंग विश्व प्रतियोगिताओं में भारत का एक भी पदक आज तक नहीं जितवा पाया है और इनका कहना है कि भारत में सिर्फ हम ही को मान्यता है और हमारे सिवा कोई भी रोलर स्केटिंग खेल का प्रसार प्रचार नहीं कर सकता है, इसके चलते बहुत सारी ओपन प्रमोशनल प्रतियोगिता हमें थाईलैंड और इंडोनेशिया में लेनी पड़ी जिन प्रतियोगिताओं में वर्ष 2019 और जनवरी फरवरी 2020। हजारों खिलाड़ियों ने दूसरे देशों से आकर वहां हिस्सा ...

खेल महासंघ एक अभिशाप

भारतीय रोलर स्केटिंग महासंघ क्या इतना कमजोर है कि हर बार दूसरों द्वारा किए गए कुछ भी कार्यों से डर कर अपने फेसबुक के माध्यम से खिलाड़ी और प्रशिक्षकों को आगाह और चेतावनी देता है ? स्पष्ट कारण यह है की भारतीय स्पीड स्केटिंग की विश्व में कहीं पर भी जगह नहीं है, विश्व स्पीड स्केटिंग रैंकिंग में भारत का स्थान 90 से 100 वे लेवल पर है। आप लोग सिर्फ दूसरों को रोकने की बजाय खुद के कार्यों को बेहतर ढंग से अगर करोगे तो शायद विश्व में भारतीय स्पीड स्केटिंग को कहीं स्थान मिलेगा, आज जो भी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं उनमें से 90% खिलाड़ी कोलंबिया या दूसरे देशों में जाकर महीनों रहकर लाखों रुपए खर्चा कर वहां का तकनीक सीख कर अपने देश में उम्दा प्रदर्शन करते हैं, पर क्या हर खिलाड़ी को यह संभव है ? हमेशा किसी ना किसी प्रकार से खिलाड़ी और प्रशिक्षकों को रोकने की कोशिश करने वाले पत्र जारी करता रहता है, इसकी बजह  अगर आप खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए मौका दें तो आज भारत में भी खिलाड़ियों की संख्या बढ़ती जाएगी, भारत में जनसंख्या के आधार पर 50,000 खिलाड़ी भी रजिस्टर नहीं है, 130 करोड़...